Постер: Коп на драйве
Фильм

Коп на драйве

30 jours max, 2020

Молодой неуверенный в себе полицейский Райан в один прекрасный день узнаёт, что ему осталось жить ровно месяц. И Райан понимает, что это последний шанс изменить себя и сделать всё, о чём он мечтал. Но он ещё не знает, что диагноз был поставлен ошибочно…

КачествоFullHD
Длительность87 мин
Статусreleased
КП6.4
IMDb5.5

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Плеер 1

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Коп на драйве: Погружение в мир французской комедии

Фильм "Коп на драйве" (оригинальное название "30 jours max") — это свежая работа талантливого французского режиссера Тарека Будали, выпущенная в 2020 году. Эта комедия с элементами криминала предлагает зрителям увлекательное путешествие в мир не всегда удачливого полицейского, который решает изменить свою жизнь всего за один месяц.

Сюжет и персонажи

Главный герой картины — мягкотелый полицейский Райан, которого играет сам Тарек Будали. Он является典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典典